गोपालगंज। जिले के कुचायकोट प्रखंड अंतर्गत रामपुर दाऊद गांव स्थित एक राजकीय मध्य विद्यालय में ‘मुख्यमंत्री बिहार दर्शन एवं शैक्षणिक परिभ्रमण योजना’ को लेकर लापरवाही और अनियमितता का मामला सामने आया है। योजना के तहत छात्रों को शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाने के बजाय खाली बस पर योजना का पोस्टर लगाकर फोटो खिंचवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है तथा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) ने संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है।

बताया जाता है कि मुख्यमंत्री बिहार दर्शन एवं शैक्षणिक परिभ्रमण योजना के तहत विद्यार्थियों को ऐतिहासिक और शैक्षणिक स्थलों का भ्रमण कराया जाना था, ताकि बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक जानकारी भी मिल सके। लेकिन आरोप है कि विद्यालय के शिक्षकों ने वास्तविक भ्रमण कराए बिना केवल कागजी प्रक्रिया पूरी करने के उद्देश्य से एक बस खड़ी कर उस पर “मुख्यमंत्री बिहार दर्शन एवं शैक्षणिक परिभ्रमण” का बैनर लगा दिया और फोटो खिंचवा लिया। वायरल वीडियो में बस खाली दिखाई दे रही है तथा मौके पर छात्र-छात्राएं मौजूद नहीं दिख रहे हैं।

बताया जा रहा है कि किसी व्यक्ति ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। वीडियो वायरल होने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं और स्थानीय लोगों तथा अभिभावकों ने भी इस पर कड़ी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से छात्रों को मिलने वाला लाभ प्रभावित होता है और सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने संबंधित विद्यालय के शिक्षकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। बीईओ ने पूछा है कि किन परिस्थितियों में छात्रों को भ्रमण पर ले जाए बिना केवल फोटो सत्र आयोजित किया गया और योजना की राशि का किस प्रकार उपयोग किया गया। उन्होंने चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना को लेकर शिक्षा विभाग की काफी किरकिरी हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।