मांझागढ़ (गोपालगंज): जिले में साइबर अपराधियों की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है। अब ये अपराधी आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी महिलाओं का डेटा जुटाकर खुद को ब्लॉक स्टाफ या अस्पताल कर्मी बताकर बैंक खाता विवरण मांग रहे हैं। भोले-भाले लोग इनके झांसे में आकर अपनी बैंक जानकारी साझा कर रहे हैं, जिससे उनके खाते से पैसे गायब हो रहे हैं।

शुक्रवार को मांझागढ़ थाना क्षेत्र के लंगतुहाता गांव के जान महमद मंसूरी की पत्नी मुन्नी खातून और आसमहमद को मोबाइल नंबर 7250290177 से एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को अस्पताल स्टाफ और आंगनबाड़ी आशा कार्यकर्ता का परिचित बताते हुए बैंक खाता नंबर मांगा, यह कहते हुए कि सरकार की ओर से कुछ पैसे भेजे जा रहे हैं।

हालांकि, मुन्नी खातून और आसमहमद ने सतर्कता दिखाते हुए कॉल की जानकारी स्थानीय पत्रकार सुदीश प्रसाद को दी। पत्रकार द्वारा ब्लॉक कार्यालय और स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर मोबाइल नंबर की पुष्टि की गई, जहां से स्पष्ट किया गया कि यह नंबर किसी स्टाफ का नहीं बल्कि किसी फ्रॉड का है।

इसके बाद मुन्नी खातून ने इस घटना की जानकारी साइबर पुलिस कप्तान को व्हाट्सएप पर भेजी। वहीं, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में अस्पताल या सरकारी विभाग के नाम पर आने वाले ऐसे कॉल पर अपनी बैंक जानकारी साझा न करें। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे कॉल करने वाले धोखेबाज आपके खाते से पैसा उड़ा सकते हैं