गोपालगंज। उचकागांव प्रखंड के बालाहाता में लक्ष्मी नारायण यज्ञ के माध्यम से व्यापक धर्म-जागरण, शुद्धिकरण और सनातन संस्कृति के विस्तार का कार्य किया गया। आयोजकों ने बताया कि करीब चार दशकों से क्षेत्र में कोई संगठित जनजागरण कार्यक्रम नहीं हुआ था, लेकिन निरंतर प्रयासों के बाद लोगों में धार्मिक और सामाजिक चेतना जागृत हुई है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से आसपास के कई गांवों में प्रलोभन, अंधविश्वास और तथाकथित चंगाई सभाओं के माध्यम से धर्मांतरण की गतिविधियां चल रही थीं। इसके जवाब में सात दिनों तक भागवत ज्ञान महासंगम के माध्यम से घर-घर जाकर जनजागरण अभियान चलाया गया।

इस पहल के तहत बालाहाता, सब्या, बलेसरा समेत कई गांवों की महिलाओं के बीच धर्म-रक्षा का संकल्प कराया गया। नारी शक्ति को प्रतीकात्मक रूप से शस्त्र और शास्त्र वितरित किए गए और महिलाओं ने सनातन संस्कृति की रक्षा का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में धर्म जागरण समन्वय विभाग के जिला संयोजक एवं मुख्य पुरोहित शैलेंद्र पुरोहित उर्फ टुन्ना बाबा ने कहा कि संस्कारों का रोपण और धार्मिक जनजागरण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने महाकुंभ, रुद्राक्ष महाभिषेक, जागरण यात्रा और अभ्यास वर्ग के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की बात कही।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति वसुधैव कुटुंबकम् की भावना में निहित है, जिसने सदियों से आक्रमणों के बावजूद देश को एक सूत्र में बांधे रखा है।

यज्ञ और धर्म-जागरण कार्यक्रम में वीरेंद्र वैष्णव बड़क बाबा, सिद्धार्थ सिंह, प्रिंस बाबू, डॉ. भानु प्रताप, राहुल बाबू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी रही। आयोजकों ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि सामाजिक कुरीतियों को समाप्त कर समाज को मजबूत किया जा सके।