देवरिया शहर की सीमा विस्तार के बाद नगर पालिका प्रशासन अब नए राजस्व ढांचे को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। नवनियमित क्षेत्रों में सर्वे कराया जा रहा है, जिसमें घरों की माप, भवनों की स्थिति और उपयोग के आधार पर टैक्स निर्धारण से संबंधित विवरण जुटाए जा रहे हैं। इसके लिए नियुक्त फर्म के कर्मचारी घर-घर पहुंचकर आवश्यक जानकारी एकत्रित कर रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि शहरी सुविधाओं के विस्तार और उन्हें सुचारु रूप से बनाए रखने के लिए टैक्स संग्रह आवश्यक है। इस राजस्व से ही सड़क, पानी, नाली और सफाई जैसी व्यवस्थाओं में सुधार किया जा सकेगा। वहीं, स्थानीय निवासियों ने इस पर अपनी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जब तक बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ नहीं होतीं, तब तक टैक्स लागू करना जल्दबाजी होगा।
विस्तारित नगर क्षेत्रों की कई सड़कें अब भी कच्ची हैं, नालियों का निर्माण अधूरा है और पेयजल पाइपलाइन का काम जारी है। निवासियों का कहना है कि सुविधाएं पहले उपलब्ध कराई जाएं, उसके बाद टैक्स वसूला जाए, क्योंकि विकास का स्तर अभी ग्रामीण क्षेत्र जैसा ही महसूस होता है।
