गोरखपुर–देवरिया मुख्य मार्ग पर वन निगम कार्यालय के पास स्थित कट लोगों की जान के लिए खतरा बनता जा रहा है। हालात यह हैं कि सब कुछ जानते हुए भी पुलिस और प्रशासन मूकदर्शक बने हुए हैं। कट के पास न तो कोई स्पीड ब्रेकर है और न ही जेब्रा क्रॉसिंग या चेतावनी संकेत, जिससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है।
करीब एक वर्ष पहले गौरी बाजार के रामपुर चौराहे पर जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए पुलिस ने लगभग 200 मीटर तक बैरिकेडिंग कर दी। इसके बाद गोरखपुर की ओर से आने वाले वाहनों को नगर और रुद्रपुर जाने के लिए करीब 800 मीटर आगे वन निगम कार्यालय के पास बने इसी कट से मुड़ना पड़ता है। लेकिन यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
बृहस्पतिवार को गोरखपुर से गौरी बाजार होते हुए रुद्रपुर जा रही एक अनुबंधित बस जब इस कट पर मुड़ रही थी, तभी पीछे से आ रही क्रेन ने उसमें टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बस पलट गई, जिससे करीब 20 यात्री घायल हो गए। इनमें से पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है। गनीमत यह रही कि मोड़ पर दोनों वाहनों की गति कम थी, जिससे कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।
यह पहला मामला नहीं है। दस दिन पहले बरियारपुर निवासी कुलजीत राजभर इसी कट पर पिकअप की चपेट में आ गया था, जिसका इलाज अभी चल रहा है। 18 दिन पहले रुद्रपुर जा रहा दस चक्का ट्रक यहां पलट गया था, जिसमें चालक और खलासी गंभीर रूप से घायल हुए थे। वहीं 18 अक्टूबर को टैंकर की चपेट में आने से पननहा निवासी चंदन गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
लगातार हो रहे हादसों के बावजूद कट पर कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
