प्रयागराज में जाली नोटों के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने से हड़कंप मच गया है। गौरीखुर्द गांव का रहने वाला विवेक यादव लंबे समय से नकली नोट बनाने और उन्हें बाजार में खपाने के अवैध धंधे में संलिप्त था। पुलिस के अनुसार, वह पिछले कई वर्षों से इस गिरोह को संचालित कर रहा था और इसमें कुछ प्रभावशाली लोगों की भी संलिप्तता सामने आ रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, विवेक की जीवनशैली में अचानक बड़ा बदलाव आया था। महंगी गाड़ियां, लग्जरी जीवन और बाहरी लोगों का लगातार आना-जाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ था। खासतौर पर बिहार से युवकों का उसके घर आना-जाना संदेह को और बढ़ाता था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी जाली नोटों को न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि अन्य राज्यों में भी भेजता था। हालांकि, उसे पहले भी कई बार पकड़ा गया, लेकिन प्रभाव और पहुंच के चलते हर बार बच निकलता था।
अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में नकली नोटों के अवैध कारोबार पर बड़ा असर पड़ने की उम्मीद है।
