देवरिया जिले के बरहज तहसील क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव में अधिवक्ता विजेंद्र सिंह की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के आठ दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
मंगलवार को करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरू सिंह मृतक के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इस दौरान उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने गंभीर मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना चिंताजनक है।
वीरू सिंह ने बताया कि इस मामले में पांच नामजद और आठ अज्ञात लोगों की संलिप्तता सामने आई है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। उन्होंने परिजनों के आरोपों के आधार पर एसडीएम का नाम भी एफआईआर में शामिल करने की मांग की। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कुछ जनप्रतिनिधि मिलकर एक सिंडिकेट के रूप में काम कर रहे हैं, जो लोगों का उत्पीड़न करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि मृतक अधिवक्ता विजेंद्र सिंह दो बार बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके थे और उन्हें योजनाबद्ध तरीके से प्रताड़ित किया गया, जिससे उनकी मौत हुई।
करणी सेना ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। एडिशनल एसपी सुनील कुमार सिंह समेत कई अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
