रुद्रपुर नगर के मलह टोली वार्ड में जमीन के फर्जी दस्तावेज के आधार पर निजी बैंक से साढ़े सात लाख रुपये का लोन लेने का मामला सामने आया है। मासिक किस्त जमा न होने पर जब बैंक ने बंधक रखी गई जमीन की जांच कराई, तो पूरा फर्जीवाड़ा उजागर हो गया। मामले में बैंक प्रबंधक की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी मां और बेटे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

श्रीराम बैंक फाइनेंस लिमिटेड, शाखा कठिनईया मोड़ देवरिया के प्रबंधक अभिषेक त्रिपाठी ने कोतवाली में दी गई तहरीर में बताया कि उनकी कंपनी व्यवसायिक समेत अन्य ऋण प्रदान करती है। रुद्रपुर कस्बा के मलह टोली वार्ड निवासी जयगोपाल राजभर ने अपनी मां मुराती देवी को गारंटर बनाकर 7.50 लाख रुपये का लोन लिया था। लोन के बदले अचल संपत्ति को बंधक रखा गया, लेकिन आरोपी ने एक भी किस्त जमा नहीं की।

इसके बाद बैंक ने बंधक संपत्ति पर कार्रवाई शुरू की। जांच में सामने आया कि जिस जमीन को बंधक बताया गया था, वह डढि़या गांव निवासी एक अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज है और उसके दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया गया है।

पुलिस ने जयगोपाल राजभर और उसकी मां मुराती देवी पत्नी श्रीपति राजभर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक कल्याण सिंह सागर ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना की जा रही है।