देवरिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया द्वारा 1 सितंबर 2025 को मध्यस्थता के माध्यम से एक सिविल वाद का निस्तारण किया गया। यह मामला ग्राम न्यायालय बरहज से मध्यस्थता हेतु संदर्भित किया गया था।
प्रकरण में रामाश्रय बनाम चन्द्रिका (ग्राम चन्दौर, तहसील बरहज) का भूमि विवाद कई वर्षों से लंबित था। वादी रामाश्रय कुशवाहा ने बताया कि वह लगभग 20 वर्षों से विवादित भूमि (शिकमी भूमि नं. 168) पर बिना किसी रोक-टोक के निवास कर रहे थे, किंतु हाल ही में प्रतिवादी द्वारा आपत्ति की जा रही थी।
मामला सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मनोज कुमार तिवारी के समक्ष आया। उनके नेतृत्व और मध्यस्थ अशोक कुमार मिश्र के सहयोग से दोनों पक्षों की रजामंदी से विवादित भूमि के रास्ते का समाधान निकालते हुए मामले का निस्तारण कर दिया गया।
✨ क्या कहा सचिव ने?
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री मनोज कुमार तिवारी ने कहा—
“मध्यस्थता का मुख्य उद्देश्य विवादों को आपसी सहमति से सुलझाना है। इससे पक्षों के बीच संबंध बने रहते हैं और दोनों पक्ष समाधान से संतुष्ट रहते हैं। मध्यस्थता में कोई हारता नहीं, दोनों पक्ष जीतते हैं।”
उन्होंने आमजन और अधिवक्ताओं से अपील की कि वे अपने मामलों को न्यायालय से मध्यस्थता हेतु संदर्भित कराएं और “राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान” का लाभ उठाएं।
