लखनऊ। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बुधवार (3 सितम्बर 2025) को प्रदेश में पंजीकृत उन राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, जो पिछले 6 वर्षों से लोकसभा और विधानसभा चुनाव में प्रत्यक्ष रूप से प्रतिभाग नहीं कर रहे थे।
सुनवाई के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दलों द्वारा प्रस्तुत अंशदान रिपोर्ट, वार्षिक लेखा परीक्षण (ऑडिट) रिपोर्ट और निर्वाचन व्यय विवरण जैसे अभिलेखों की गहन जांच की। साथ ही दलों के मोबाइल नंबर, पंजीकरण संख्या, ईमेल और वर्तमान पते का सत्यापन भी किया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि:
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प्रत्येक दल को प्रतिवर्ष 30 सितम्बर तक अंशदान रिपोर्ट और 31 अक्टूबर तक आय-व्यय की ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
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लोकसभा चुनाव के 90 दिनों और विधानसभा चुनाव के 75 दिनों के भीतर आय-व्यय का विवरण जमा करना अनिवार्य है।
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20 हजार रुपये से अधिक के अंशदान की रिपोर्ट देना प्रत्येक दल के लिए आवश्यक है।
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दलों को अपने ईमेल, मोबाइल नंबर और पता समय-समय पर अपडेट रखना होगा ताकि आयोग की जानकारी समय पर प्राप्त हो सके।
📊 सुनवाई का विवरण
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कुल नोटिस जारी: 121 दल
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3 सितम्बर को बुलाए गए: 51 दल
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प्रतिभाग करने वाले: 17 दल
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2 और 3 सितम्बर को कुल प्रतिभाग: 55 दल
🏛 उपस्थित दलों में शामिल
गदर पार्टी (प्रतापगढ़), नवचेतना पार्टी (मैनपुरी), नवीन समाजवादी दल (प्रयागराज), निस्वार्थ सेवा राष्ट्र सेवा पार्टी (प्रयागराज), पूर्वांचल क्रांति पार्टी (जौनपुर), राष्ट्रवादी इंसान पार्टी (प्रयागराज), राष्ट्रवादी समाज पार्टी (कानपुर नगर), राष्ट्रीय बंधुत्व पार्टी (प्रयागराज), आम जन क्रांति पार्टी (इटावा), राष्ट्रीय लोकतंत्र दल (हापुड़), राष्ट्रीय मानव विकास पार्टी (अमरोहा), सामूहिक एकता पार्टी (कानपुर नगर), सर्वप्रिय समाज पार्टी (इटावा), सत्य शिखर पार्टी (अयोध्या), यूथ सोशलिस्ट पार्टी (मुरादाबाद), युवा अनुभव पार्टी (गोरखपुर), भारतीय युवा स्वाभिमान पार्टी (औरैया) आदि दलों के पदाधिकारी सुनवाई में उपस्थित रहे।
