गोपालगंज जिला मुख्यालय से मात्र छह किलोमीटर दूर स्थित थावे प्रखंड को नगर निगम का दर्जा देने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। सदर विधायक सुभाष सिंह ने थावे सहित आसपास के घनी आबादी वाले पंचायतों को नगर निगम में शामिल करने की औपचारिक अनुशंसा नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजी है।

विधायक का कहना है कि थावे क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और जनसंख्या भी निरंतर बढ़ रही है। ऐसे में स्थानीय विकास कार्यों को व्यवस्थित एवं सुगम ढंग से आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम का गठन आवश्यक हो गया है। उन्होंने अपने पत्र में थावे बाजार, थावे मंदिर परिसर व आसपास के गांवों को नगर निगम की सीमा में शामिल करने की मांग की है, ताकि क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिल सके।

सुभाष सिंह ने कहा कि थावे मंदिर प्रदेश का प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके बावजूद स्वच्छता, पेयजल, शौचालय व अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। नगर निगम बनने पर इन सुविधाओं को बेहतर तरीके से उपलब्ध कराया जा सकेगा और मंदिर परिसर का भी योजनाबद्ध विकास संभव होगा।

विधायक ने यह भी उल्लेख किया कि थावे बाजार के समीप स्थित कई पंचायतों में आबादी तेजी से बढ़ी है, लेकिन नगर पंचायत का दायरा सीमित होने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। नगर निगम का दर्जा मिलने से सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, पेयजल आपूर्ति और कचरा प्रबंधन जैसे बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया जा सकेगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि थावे एक बड़े व्यापारिक और धार्मिक केंद्र के रूप में उभर रहा है, लेकिन नियोजित विकास न होने से समस्याएं बढ़ रही हैं। नगर निगम बनने से क्षेत्र का स्वरूप बदलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। अब सभी की निगाहें नगर विकास एवं आवास विभाग पर टिकी हैं कि प्रस्ताव पर कब और क्या निर्णय लिया जाएगा।