गोपालगंज समाहरणालय में जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक हुई। इसमें जनवरी 2026 की हेल्थ प्रोग्रेस रिपोर्ट के आधार पर योजनाओं की समीक्षा की गई और लापरवाही पर सख्त चेतावनी दी गई। सदर अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया।

10 दिसंबर 2026 को समाहरणालय सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा तैयार हेल्थ प्रोग्रेस रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी श्री पवन कुमार सिन्हा ने की। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी समयबद्ध तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित HMIS, नियमित टीकाकरण, आशा व परिवार नियोजन, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, RBSK, NP-NCD, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, DVDMS, BHAVYA और IDSP की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिला पदाधिकारी ने HMIS रिपोर्टिंग में शत-प्रतिशत डेटा अपलोड सुनिश्चित करने, टीकाकरण में जीरो ड्रॉपआउट रखने और छूटे हुए बच्चों की पहचान कर शीघ्र टीकाकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को मजबूत करने तथा गैर-संचारी रोगों की नियमित स्क्रीनिंग पर जोर दिया।

टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि 2026 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर और अधिक सक्रियता दिखाई जाए। साथ ही DVDMS के माध्यम से सभी स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार ने सदर अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई डॉक्टर समय पर ड्यूटी पर नहीं आते, जिससे मरीजों को परेशानी होती है। इस पर सभी डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया गया।

बैठक में जिला स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारी, कार्यक्रम प्रबंधक धीरज कुमार, सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, सामुदायिक उत्प्रेरक, अनुश्रवण सहायक और पिरामल के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।