देवरिया: विकास भवन के गांधी सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और किसानों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देना और उनकी समस्याओं का समाधान करना था।

बैठक की शुरुआत में जिला कृषि अधिकारी ने पिछले महीने आयोजित किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों के निपटारे की जानकारी दी। भारतीय किसान यूनियन (भा.कि.यू.) के मंडल प्रवक्ता इं. अतुल मिश्रा द्वारा परसिया मिश्र गोदाम पर खाद वितरण के समय अधिक भीड़ के कारण हो रही असुविधा की शिकायत अब तक पूरी नहीं हो पाई है। संबंधित विभाग को विद्युत पोल और लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया।

किसानों ने बैठक में ढ़ाड़ा चीनी मिल के लिए देवरिया में कम से कम दस नए क्रय केंद्र स्थापित करने की मांग भी रखी। जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अनुरोध किया कि वे अपने नजदीकी सहज जन सेवा केंद्र पर जाकर फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से कराएं। उन्होंने बताया कि जल्द ही उर्द और मूंग के नि:शुल्क मिनीकिट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिन्हें किसान अपने राजकीय कृषि बीज भंडार से प्राप्त कर बुवाई कर सकते हैं।

प्रभारी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने किसानों को पशु बीमा योजना की जानकारी दी और बताया कि इस समय देशी नस्ल की गायों के पालन पर पचास प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। वहीं, प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत आम, लीची, केला, ड्रैगन फ्रूट, मखाना, कटहल, आंवला, अमरूद आदि की बागवानी करने पर अनुदान उपलब्ध है। ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सेट पर नब्बे प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है।

जिला कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत पोर्टल एक से पंद्रह फरवरी तक खुला था, जिसमें कुल चार सौ आवेदन प्राप्त हुए हैं। मत्स्य पालक किसान अब किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण भी प्राप्त कर सकते हैं।

किसान दिवस की बैठक में परियोजना अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, कृषि रक्षा अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, अधिशासी अभियंता (नहर), सहायक अभियंता (नलकूप), भूमि संरक्षण अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, अधिशासी अभियंता (विद्युत) समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में भा.कि.यू. के प्रदेश उपाध्यक्ष कौशलेशनाथ मिश्र, इं. अतुल मिश्रा, राघवेन्द्र प्रताप शाही, रमेश मिश्रा, अनिरूद्ध सिंह, मारकंडेय सिंह, मनोज पांडेय, सत्याग्रहण सरोज और अन्य प्रगतिशील किसानों ने सहभागिता की।

इस आयोजन से किसानों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने, अपनी समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखने और नई तकनीकों के बारे में जानकारी हासिल करने का अवसर मिला।

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