शहरी और ग्रामीण इलाकों में पानी की भारी किल्लत जारी है। पीएचइडी विभाग के तमाम दावे पानी की तरह बहते नजर आ रहे हैं। गांवों में लगाए गए अधिकतर चापाकल खराब पड़े हैं, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। मरम्मत कार्य में लापरवाही के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

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