देवरिया। जिले में दही में भी धंधेबाजों ने मिलावट का खेल शुरू कर दिया। पनीर, दूध, खोआ, दाल में तो मिलावट को लेकर कार्रवाई चल रही है, वहीं अब अब सेहत के लिए फायदेमंद माना जाने वाला दही भी इससे अछूता नहीं रह गया हैऐसे में लोगों को खुद सतर्क रहने की जरूरत है। जरा सी अनदेखी की सेहत पर भारी पड़ सकती है। खाद्य टीम ने पिछले दिनों दही का एक नमूना लिया था जो सब स्टैंडर्ड पाया गया था। इसमें फैट नहीं मिला, जबकि इसे पाउडर से बनाया गया था। जिले में गोरखपुर, अयोध्या, कानपुर सहित अन्य जगहों से दही मंगाया जा रहा है।
मिलावट के धंधेबाज ने मुनाफे के लिए खाने-पीने की हर चीज को जहरीला बना दिया है। पनीर-खोआ के साथ ही दही भी पाउडर से ही बनाकर बेचा जा रहा है।
गर्मी के इस मौसम में बाजार में लस्सी, छाछ आदि की बिक्री खूब हो रही है। स्वाद के शौकीन भोजन के साथ भी राेजाना इसका इस्तेमाल करते हैं। लोगों का मानना है कि गर्मी के दिनों में दही खाने से सेहत ठीक रहती है। यही वजह है कि गर्मी के दिनों में दही की मांग कई गुना बढ़ जाती है।
कृषि के जानकार डॉ. मानधाता सिंह बताते हैं कि इन दिनों हरे चारे की दिक्कत हो जाती है, इसलिए पशु का दूध गर्मी में 20 प्रतिशत तक कम हो जाता है।
यही वजह है कि गर्मी में डेयरी और हलवाई की दुकानों पर दही हाथो-हाथ बिक रही है। इधर, बाजार में पैकेट बंद, डिब्बाबंद दही की भी बाजार में खूब मांग है, लेकिन दही खाने से पहले एक बार जरूर सोच लें कि वह खाने लायक है भी या नहीं।
पिछले साल खाद्य विभाग की टीम ने दही के कई नमूने लिए थे, इसमें दो का सैंपल फेल आया हैं। प्रयोगशाला की जांच में वह अधोमानक पाया गया है।
मसाला, नमकीन, पनीर, दूध और इससे बनी मिठाई के अलावा 25 अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल की रिपोर्ट में अधोमानक होने की पुष्टि हुई है।
