बन्दियों के विधिक अधिकारों का न हो हनन-जनपद न्यायाधीश, राम मिलन सिंह
आज दिनांक 11.06.2025 को माननीय उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली में योजित रिट याचिका (सिविल) संख्या-1404/2023 सुकन्या सान्था बनाम भारत संघ व अन्य में पारित निर्णय/आदेश दिनांक 03.10.2024 के निर्देशों के अनुपालन में मा0 जनपद न्यायाधीश श्री राम मिलन सिंह के अध्यक्षता में सचिव /अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मनोज कुमार तिवारी एवं बोर्ड ऑफ विजिटर के सदस्य प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट , शैलजा मिश्रा, जिलाधिकारी, देवरिया दिव्या मित्तल,पुलिस अधीक्षक , विक्रांत वीर,मुख्य चिकित्साधिकारी, अधीशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग के द्वारा जिला कारागार देवरिया का निरीक्षण किया गया।

माo जनपद न्यायाधीश श्री राम मिलन सिंह द्वारा कारागार में निरूद्ध बंदियों की समस्याओं को सुना गया जिसमें निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने, जमानतदार उपलब्ध कराने, नियमित रूप से बंदियों के लिए दवा उपलब्ध कराने महिला कैदियों के साथ रह रहें उनके छोटे बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था कराने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होने जिला कारागार में नियुक्त पराविधिक स्वंय सेवको को कारागार लीगल क्लीनिक के प्रपत्रों को व्यवस्थित करने तथा बन्दियो के विधिक अधिकार का हनन ना हो उसके लिए सम्बन्धित को निर्देशित किया। बोर्ड ऑफ विजिटर द्वारा जिला कारागार देवरिया में बैरकों, पाकशाला,चिकित्सालय, में निरंतर स्वच्छता बनायें रखने पर जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान बोर्ड ऑफ विजीटर्स द्वारा बन्दियों से पूछा गया कि उनके साथ जातिगत या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव तो नहीं किया जाता, जिस पर सभी बन्दियों ने एक स्वर में जातिगत या धर्म के आधार पर भेदभाव से इन्कार किया । समिति द्वारा कारागार के बैरक में निरूद्व बंदी परमहंस को विधिक सहायता व कुतुबुद्दीन को दवा की व्यवस्था कराने हेतु सम्बन्धित को आवश्यक निर्देश दिया गया। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी द्वारा कारागार के पी0एल0वी को बन्दियों के समस्याओं को चिन्ह्रित करके आवश्यक सुझाव तथा वृद्ध बंदियों एवं असाध्य रूप से बीमार बंदियों के विधिक अधिकार हेतु कारागार अधीक्षक को निर्देशित किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *