गोपालगंज।
जिले के मॉडल अस्पताल में छत से पानी टपकने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण में निर्माण एजेंसी रामा एंड सेन्स कंपनी के ऑनर ने सिविल सर्जन और डीपीएम पर चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। कंपनी ऑनर का कहना है कि जानबूझकर असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर छत को नुकसान पहुंचाया गया, ताकि कंपनी को बदनाम किया जा सके और सरकार की छवि खराब हो।

कंपनी का दावा है कि करीब 34 करोड़ रुपये की लागत से बने इस मॉडल अस्पताल को चार माह पूर्व ही विभाग को सुपुर्द कर दिया गया था। इसके बाद भवन में किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई, जिससे छत से पानी टपकने की स्थिति बनी।

वहीं इस मामले में सिविल सर्जन वीरेंद्र प्रसाद ने ठेकेदार के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने ही मकान को क्यों तोड़ेगा। ठेकेदार द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और यह सब विभाग की छवि खराब करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छत पहले से ही चू रही थी और मीडिया में चलाई जा रही खबरों का विभाग खंडन करता है।

गौरतलब है कि मॉडल अस्पताल में छत की रेलिंग से पानी टपकने के कारण वहां रखी दवाइयां खराब हो गई थीं। इसके बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हुए और मामला सार्वजनिक चर्चा में आ गया।