गोपालगंज। नगर थाना क्षेत्र के मठिया गांव में सूदखोरों के दबाव और धमकी से परेशान एक 25 वर्षीय मुर्गा व्यवसायी ने जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। गंभीर हालत में परिजनों ने उसे मॉडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
पीड़ित की पहचान जावेद कुरैशी के रूप में हुई है, जो गोपालगंज शहर में मुर्गा का व्यवसाय करता था। परिजनों के अनुसार, जावेद ने व्यवसाय चलाने और मां के इलाज के लिए बाजार से 50 हजार रुपये ब्याज पर लिए थे। इस रकम पर रोजाना 500 रुपये की दर से सूद देना पड़ता था।
परिजनों का कहना है कि दो से तीन वर्षों तक लगातार सूद चुकाने के बावजूद जावेद मूलधन नहीं लौटा सका। अत्यधिक ब्याज दर के कारण वह केवल सूद ही भरता रहा। जब रकम नहीं चुक पाई तो सूदखोरों का दबाव और धमकी बढ़ती गई। मजबूरी में जावेद ने एक सूदखोर से लिया कर्ज चुकाने के लिए दूसरे, फिर तीसरे और चौथे सूदखोर से अधिक ब्याज पर पैसे ले लिए। इस तरह 50 हजार रुपये की मूल रकम बढ़कर करीब 10 लाख रुपये तक पहुंच गई।
पीड़ित की बहन ने बताया कि जिस मां के इलाज के लिए पैसे लिए गए थे, उनकी भी इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद भी सूदखोरों का दबाव कम नहीं हुआ। लगातार डर और धमकी से परेशान होकर रविवार को जावेद ने घर में रखी कीटनाशक दवा खा ली। हालत बिगड़ते देख परिजनों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने बताया कि यह पॉयजनिंग का मामला है। पीड़ित का इलाज किया जा रहा है और हालत को स्थिर करने की कोशिश जारी है। परिजनों का कहना है कि घर में दहशत का माहौल है और सूदखोरों के डर से परिवार सहमा हुआ है। हालांकि, परिजन फिलहाल सूदखोरों के नाम सार्वजनिक करने से बच रहे हैं।
