गोपालगंज।
जिला परिवहन कार्यालय में पिछले 22 दिनों से ओग्रस सॉफ्टवेयर बाधित रहने के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तकनीकी खराबी की वजह से रोजाना दर्जनों लोग कार्यालय से बिना काम कराए ही लौट रहे हैं।
सबसे अधिक असर ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों के रजिस्ट्रेशन और स्थानांतरण जैसे जरूरी कार्यों पर पड़ा है। बीते 22 दिनों में करीब दो हजार ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन लंबित हो गए हैं।
कार्यालय पहुंचने वाले लोगों ने बताया कि वे कई दिनों से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन सॉफ्टवेयर बंद होने से काम पूरा नहीं हो पा रहा। नए ड्राइविंग लाइसेंस आवेदन, नवीनीकरण, लर्निंग लाइसेंस और पहले से बने लाइसेंस की डिलीवरी का काम भी प्रभावित है। वहीं वाहन खरीद-बिक्री के बाद स्थानांतरण, चालान कटना, टैक्स भुगतान और फिटनेस संबंधी कार्य ठप हो गए हैं।
युवाओं ने बताया कि नौकरी या अन्य काम के लिए लाइसेंस की सख्त जरूरत है, लेकिन आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही। वाहन मालिकों का कहना है कि कागजात अटकने से न तो वाहन का इस्तेमाल हो रहा और न ही समय पर टैक्स का भुगतान हो पा रहा है।
विभागीय कर्मियों ने बताया कि सॉफ्टवेयर की समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया है और समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि सेवा कब तक बहाल होगी, इसका स्पष्ट जवाब किसी के पास नहीं है। लगातार बाधित सेवाओं से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
डाक से लाइसेंस डिस्पैच भी प्रभावित
सर्वर डाउन होने के कारण विभाग डाक की मदद से लोगों को भेजे जाने वाले वाहन कागजात और ड्राइविंग लाइसेंस भी समय पर डिस्पैच नहीं कर पा रहा है। इसके कारण लोगों को अपेक्षित समय से ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है।
कहते हैं डीटीओ
डीटीओ ने बताया कि “ओग्रस सॉफ्टवेयर बाधित रहने के कारण कार्य करने में परेशानी हो रही है। छोटे-छोटे कार्य काउंटर की मदद से निपटाए जा रहे हैं, लेकिन अधिकांश कार्य जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों का रजिस्ट्रेशन और स्थानांतरण फिलहाल प्रभावित हैं।”
