विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर 10 दिसंबर को बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, बिहार मानवाधिकार आयोग तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार गोपालगंज के संयुक्त निर्देश पर मंडल कारा चनावे में बंदियों के बीच विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष राधेश्याम शुक्ला ने की। सचिव अनूप कुमार उपाध्याय, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल गिरिजेश मिश्रा और असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल विकास कुमार ने बंदियों को मानव एवं मौलिक अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी।

बंदियों को कारा अधिनियम 1894 के तहत हिरासत सूचना का अधिकार, अधिवक्ता से परामर्श, निशुल्क विधिक सहायता, त्वरित एवं निष्पक्ष विचारण, प्रताड़ना से सुरक्षा, परिजनों से मिलने का अधिकार, स्वास्थ्य एवं चिकित्सीय सुविधा, गर्भवती बंदियों की देखभाल, अलग-अलग बंदियों के लिए पृथक व्यवस्था, जेल की स्वच्छता और शिक्षा के अधिकार सहित कई बिंदुओं पर जागरूक किया गया। विधिक सेवा प्राधिकार अधिनियम 1987 के तहत विधिक सहायता पाने के पात्र लोगों—SC/ST, महिला, बच्चा, वरिष्ठ नागरिक, औद्योगिक कर्मकार, उभयलिंगी, HIV/Cancer पीड़ित, असंगठित श्रमिक, तथा डेढ़ लाख से कम आय वाले व्यक्तियों—की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम में काराधीक्षक सत्येंद्र कुमार सिंह तथा अन्य अधिकारियों ने भी मानवाधिकार दिवस पर विस्तृत प्रकाश डाला।

इसी क्रम में नगर के एसएस बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भी कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां पैनल अधिवक्ता संजय कुमार द्विवेदी और पीएलवी महबूब आलम ने बच्चों को मानवाधिकार दिवस, मानवाधिकार अधिनियम 1993, विधिक सेवा प्राधिकार अधिनियम 1987 और विधिक सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं।