गोपालगंज। जिले में भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय महा-मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) नई दिल्ली तथा बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। महा-मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों की क्षमता का परीक्षण करना, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत बनाना तथा आम नागरिकों को आपदा से बचाव के प्रति जागरूक करना था।

इस दौरान जिले के पांच प्रमुख स्थानों को मॉक ड्रिल के लिए चयनित किया गया, जहां भूकंप आने की काल्पनिक स्थिति तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों का वास्तविक प्रदर्शन किया गया। चयनित स्थलों में अस्पताल, विद्यालय, सरकारी कार्यालय तथा भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थान शामिल थे। मॉक ड्रिल के दौरान भूकंप के झटके महसूस होने की सूचना मिलते ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने, सिर को सुरक्षित रखने तथा खुले स्थानों की ओर निकलने के तरीकों का प्रदर्शन किया गया।

बचाव दलों द्वारा मलबे में दबे लोगों को अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास भी किया गया। साथ ही घायलों को प्राथमिक उपचार देने, स्ट्रेचर के माध्यम से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने तथा एम्बुलेंस से अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का भी सफल प्रदर्शन किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, अग्निशमन विभाग, आपदा प्रबंधन टीम तथा अन्य संबंधित एजेंसियों ने समन्वित रूप से भाग लिया।

मॉक ड्रिल के दौरान सायरन बजाकर आपदा की स्थिति का संकेत दिया गया, जिससे कुछ स्थानों पर लोगों में हलचल देखी गई। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में ही जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सूचित कर दिया गया था कि यह केवल आपदा से बचाव का अभ्यास है। इसके बावजूद अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि ऐसे अभ्यासों के दौरान घबराएं नहीं और बचाव दलों के निर्देशों का पालन करें।

जिला प्रशासन एवं वरीय अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य लोगों को सतर्क और प्रशिक्षित बनाना है ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि भूकंप जैसी आपदाएं अचानक आती हैं, इसलिए पहले से तैयारी और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि आपदा से बचाव के उपायों की जानकारी रखें, अफवाहों पर ध्यान न दें और आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। महा-मॉक ड्रिल को जिले में आपदा प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।