गोपालगंज, 20 फरवरी 2026। समाहरणालय सभा कक्ष में गुरुवार को जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में “विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम, 2025” के तहत एक महत्वपूर्ण मीडिया संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “भ्रम बनाम तथ्य (Myth vs Fact) तथा रोजगार से परिसंपत्ति तक” रहा। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त गौरव कुमार सहित जिले के विभिन्न मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मीडिया संवाद का उद्देश्य अधिनियम से जुड़ी वास्तविक जानकारी आम जनता तक पहुंचाना और इससे संबंधित भ्रांतियों को दूर करना रहा। अधिकारियों ने बताया कि इस अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को प्रति वर्ष 125 दिनों का मजदूरी आधारित रोजगार कानूनी रूप से सुनिश्चित किया गया है। यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण के माध्यम से आजीविका को मजबूत करने पर भी केंद्रित है।

बताया गया कि अधिनियम के अंतर्गत जल संरक्षण, जल-संबंधित कार्य, ग्रामीण आधारभूत संरचना का विकास, आजीविका उन्मुख अवसंरचना तथा जलवायु अनुकूल गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी। विकसित ग्राम पंचायत योजना के सभी कार्यों को राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

बैठक में जानकारी दी गई कि विकास कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों—जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका आधारित अवसंरचना और आपदा शमन—में विभाजित किया गया है। पंचायतों को उनके विकास मानकों के आधार पर श्रेणीकृत कर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का चयन किया जाएगा।

वित्तीय प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि सामान्य राज्यों के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार की भागीदारी 60:40 के अनुपात में होगी, जबकि विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 रहेगा। योजना के तहत डिजिटल मॉनिटरिंग, बायोमेट्रिक सत्यापन, सोशल ऑडिट और साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी।

मीडिया संवाद में यह भी बताया गया कि अधिनियम के प्रचार-प्रसार के लिए ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं, होर्डिंग व पोस्टर, दीवार लेखन और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सभी योजनाओं की समय पर पोर्टल एंट्री को भी अनिवार्य बताया गया।

जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में ग्रामीण क्षेत्रों की भूमिका अहम है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि अधिनियम से जुड़ी सही और तथ्यात्मक जानकारी जनता तक पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवार इसका लाभ उठा सकें।