गोपालगंज में स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई।
बैठक में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार और सिविल सर्जन बीरेंद्र प्रसाद समेत सभी प्रखंडों के स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान डॉक्टरों की उपस्थिति, मरीजों के इलाज, औसत प्रतीक्षा समय, टीकाकरण, टीबी और कालाजार नियंत्रण सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने पाया कि सदर अस्पताल में डॉक्टरों के समय पर नहीं पहुंचने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इस पर उन्होंने तत्काल जांच टीम गठित करने और सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक औचक निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई डॉक्टर एक महीने में तीन बार देर से आता है, तो उसकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा आशा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की भी समीक्षा की गई। डीएम ने निर्देश दिया कि जिनका प्रदर्शन 95 प्रतिशत से कम होगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने मरीजों को बेहतर सुविधा, साफ-सफाई, खान-पान और बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
प्रशासन की इस सख्ती से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है
