न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने में पराविधिक स्वयंसेवकों की अहम भूमिका : जनपद न्यायाधीश

देवरिया उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशन में तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के तत्वावधान में संवर्धन योजना के अंतर्गत पराविधिक स्वयंसेवकों (अधिकार मित्र) के लिए क्लस्टर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ शनिवार को किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धनेन्द्र प्रताप सिंह, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मनोज कुमार तिवारी, जिलाधिकारी देवरिया दिव्या मित्तल तथा अपर पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार पांडेय द्वारा फीता काटकर, मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया गया

उद्घाटन के पश्चात जनपद न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह ने विभिन्न जनपदों के पराविधिक स्वयंसेवकों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक नागरिक तक न्याय पहुंचाने में पराविधिक स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अधिकार मित्र समाज के कमजोर वर्गों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करें ताकि वे संवैधानिक अधिकारों का लाभ उठाने के साथ कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।

जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने कहा कि पराविधिक स्वयंसेवकों से अपेक्षा केवल कानून और न्यायिक प्रणाली की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि मूल स्तर पर विवादों को सुलझाने और परामर्श प्रदान करने की भी है, जिससे अनावश्यक मुकदमों में वृद्धि को रोका जा सके।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मनोज कुमार तिवारी ने नालसा की साथी योजना, वरिष्ठ नागरिक योजना तथा मानव तस्करी और व्यावसायिक शोषण से पीड़ितों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। वहीं कुशीनगर, मऊ, बलिया और महाराजगंज के सचिवों ने भी नालसा की विभिन्न योजनाओं पर जानकारी साझा कीज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उप जिलाधिकारी देवरिया सदर श्रृति शर्मा ने शासन द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए पराविधिक स्वयंसेवक, संरक्षण अधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।