देवरिया जिले में एक निजी क्लिनिक में गर्भपात के दौरान कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। सदर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में दो नामजद समेत अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित क्लिनिक को पहले ही सील किया जा चुका है।

यह मामला बरियारपुर थाना क्षेत्र के अहिलवार बुजुर्ग निवासी आयुष कुमार मिश्रा की तहरीर पर दर्ज हुआ है। आयुष के अनुसार, उनकी पत्नी रिंकी देवी फरवरी माह में करीब तीन माह की गर्भवती थीं। 12 फरवरी को वह उन्हें न्यू कॉलोनी स्थित अविका क्लिनिक लेकर गए थे।

पीड़ित का आरोप है कि क्लिनिक में डॉक्टर और कर्मचारियों ने जच्चा-बच्चा की जान को खतरा बताकर जबरन गर्भपात कर दिया। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया बिना किसी ठोस चिकित्सकीय कारण के केवल पैसे के लिए की गई।

गर्भपात के दौरान गंभीर लापरवाही के कारण महिला की आंत फट गई और उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई। परिजनों ने तत्काल उसे बीएचयू वाराणसी में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने इमरजेंसी सर्जरी कर उसकी जान बचाई। ऑपरेशन के दौरान कोलोस्टोमी कर पेट के बाहर से मलत्याग की व्यवस्था करनी पड़ी।

बीएचयू के डॉक्टरों ने भी पूर्व उपचार में लापरवाही की पुष्टि की है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि घटना के बाद क्लिनिक पहुंचने पर डॉक्टर और कर्मचारियों ने अभद्रता की और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया।

पुलिस ने अमित श्रीवास्तव, जितेंद्र और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है