देवरिया। जिले में अभी तक निराश्रित कुत्तों के बधियाकरण और शेल्टर होम की व्यवस्था नहीं है। वर्तमान में ऐसे कुत्तों को पकड़कर बाहरी इलाकों में छोड़ दिया जाता है। नगर पंचायतों की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए थे, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय के बाद नगर निकाय सक्रिय होने लगे हैं।
नगर पालिका परिषद देवरिया ने कुछ महीने पहले ही इस दिशा में पहल शुरू की थी। नगर क्षेत्र के जटमलपुर में एंटी बर्थ कंट्रोल सेंटर की स्थापना का प्रयास साकार रूप लेने लगा है। नगर पालिका परिषद के ईओ संजय तिवारी ने बताया कि इस कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
उन्होंने बताया कि नगर पालिका के पास पशु चिकित्सक नहीं हैं, इसलिए पशु चिकित्सा विभाग की मदद से यह कार्य किया जाएगा। योजना के अनुसार, कुत्तों को पकड़कर इस केंद्र पर लाया जाएगा, जहां उनका बधियाकरण कर 24 घंटे निगरानी में रखा जाएगा, उसके बाद उन्हें छोड़ दिया जाएगा।
ईओ ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार शेल्टर होम भी तैयार किया जाएगा। वहीं, बरहज नगर पालिका में अभी तक निराश्रित कुत्तों को लेकर कोई ठोस नीति तय नहीं की गई है।
