देवरिया के तरकुलवा क्षेत्र में होली के दिन एक दर्दनाक सड़क हादसे में 29 वर्षीय पुलिसकर्मी विवेक की मौत हो गई। गोरखपुर में ड्यूटी करने के बाद वह होली मनाने अपने घर लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। बुधवार देर रात जब उनका शव घर पहुंचा तो मां मंजू देवी रोते-रोते बेसुध हो गईं। दरवाजे पर जुटी भीड़ और परिजनों के करुण क्रंदन से पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया।
विवेक परिवार के बड़े बेटे थे और घर की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। हाल ही में दिसंबर महीने में उन्होंने अपनी बहन की शादी में बड़ी भूमिका निभाई थी और अब उनके खुद के विवाह की भी चर्चा चल रही थी। पिता नागमणि भाजपा के बूथ अध्यक्ष हैं और खेती-किसानी करते हैं, जबकि छोटा भाई आलोक पढ़ाई कर रहा है।
विवेक की नियुक्ति वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश पुलिस में हुई थी और वह गोरखपुर एडीजी कार्यालय में तैनात थे। बुधवार को त्रिमुहानी घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां पुलिस बल की मौजूदगी में उन्हें अंतिम सलामी दी गई। छोटे भाई आलोक ने मुखाग्नि दी। चिता से उठती लपटों के साथ पूरे गांव की आंखें नम हो गईं।
