ननिहाल में आए दो सगे भाइयों की पोखरी में डूबने से हुई मौत से उसके गांव व ननिहाल में मातम पसरा है। दोनों जगहों पर चूल्हे नहीं जले। हादसे के बाद मंगलवार की शाम को रीना देवी अपने ससुराल नरियांव चली आई।
पति अरुण यादव भी मौत की सूचना मिलते ही घर में आ गए। उसका कहना था कि दिन-रात अपने लाल के लिए मजदूरी करते थे, ताकि बच्चों की अच्छी परवरिश कर सकें, मगर नियति को मंजूर नहीं था।गांव व परिजनों का आरोप है कि इतना बड़ा हादसा होने के बाद कोई जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि तो छोड़िए प्रधान तक पूछने तक नहीं आया। उसके घर की माली हालत ठीक नहीं है। एक छोटे से कमरे व उसके आगे फुस की पड़ी झोपड़ी में रीनी देवी अपनी पड़ोसी महिलाओं के साथ सिसकारियां ले रही थीं।

मालूम है की गर्मी की छुट्टी में रीना देवी अपने दोनों मासूम बच्चों व अपनी बच्ची के साथ अपने मायके बगही गांव आई थीं। मंगलवार को खेलते हुए दोनों मासूम की गांव के बाहर पोखरी में डूबने से मौत हो गई थी। शव का पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार की देर रात दोनों मासूमों का सरयू नदी में जल समाधि दे दीं गई।

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