गोपालगंज।। जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में विभागीय सभाकक्ष, पटना में बाढ़ प्रक्षेत्र से संबंधित राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक की शुरुआत में मंत्री विजय कुमार चौधरी तथा विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने गोपालगंज के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता (बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण) संजय कुमार को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया कुमार ने अपने कार्यकाल के दौरान विभागीय ‘दृष्टि’ एप पर बहुत कम समय में कुल 46 निरीक्षण रिपोर्टें अपलोड की थीं।
उनके नेतृत्व और सतत प्रयासों से गोपालगंज क्षेत्र की समस्त बाढ़ नियंत्रण और जल संरचनाएं सुरक्षित और क्रियाशील बनी रहीं। इसके उपरांत वाल्मी शासी पर्षद के परामर्शी अध्यक्ष ईश्वर चंद्र ठाकुर ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया।
बैठक में राज्य के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए कटाव निरोधी कार्यों की प्रगति, बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रमों की स्थिति, तटबंधों की मरम्मत और अनुरक्षण, बाढ़ सुरक्षात्मक सामग्री की उपलब्धता तथा संवेदनशील स्थलों की तैयारी पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
मंत्री चौधरी ने निर्देश दिया कि संभावित आपात स्थितियों के पहले ही सभी तैयारियाँ पूरी कर ली जाएँ ताकि समय पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
बैठक के दौरान माननीय मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि आमने-सामने की बैठकें संवाद को बेहतर बनाती हैं और ज़मीनी समस्याओं को समझने में सहायक होती हैं।
इससे कार्यों की प्रगति में भी तेजी आती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतत निगरानी का कोई विकल्प नहीं है। यदि सभी अधिकारी अपने-अपने स्तर पर नियमित निरीक्षण करते रहें, तो लगभग 80 प्रतिशत समस्याओं का समाधान पहले ही सुनिश्चित हो सकता है।मंत्री जी ने जोर देते हुए कहा कि इस बार मॉनसून से पूर्व सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से निर्धारित समय से पहले पूरा किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसा कोई भी तटबंध का हिस्सा न छूटे, जहां वरिष्ठ अधिकारी का निरीक्षण न हुआ हो। साथ ही सभी स्थलों तक सुगम पहुंच सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त तटबंधों के आस-पास स्थित जर्जर पुल एवं पुलियों की भी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन संवेदकों द्वारा कार्यों में लापरवाही, अनियमितता या गुणवत्ता से समझौता किया गया है, उनके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य अभियंताओं को निर्देशित किया गया कि ऐसी स्थिति में संवेदकों पर दंडात्मक कार्रवाई करें।
प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने बताया कि राज्य के 73 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में से लगभग 58 प्रतिशत क्षेत्र को तटबंधों द्वारा सुरक्षित किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि आने वाले पांच महीनों तक यह सुरक्षा बनी रहे। साथ ही सभी क्षेत्रीय मुख्य अभियंताओं को निर्देशित किया गया कि अगले एक सप्ताह के अंदर सभी तटबंधों पर सभी झाड़ियों को साफ करांए। रैट होल्स, फाक्स होल्स आदि को देखकर सुधार सुनिश्चित करांए।
इसके साथ ही बारीकी से निरीक्षण के लिए विस्तृत रूटमैप समर्पित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी क्षेत्र में तटबंध के टूटने की स्थिति उत्पन्न होती है, तो संबंधित कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता के साथ-साथ मुख्य अभियंता की भी जिम्मेदारी तय करते हुए उन पर निलंबन एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के विभिन्न सत्रों में गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वीरपुर, कटिहार एवं पटना प्रक्षेत्रों में संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन सलाहकार (नितिगत मामले) रविंद्र कुमार शंकर ने किया।
इस अवसर पर विभाग के अपर सचिव नवीन, पवन कुमार सिन्हा, अभियंता प्रमुख (मुख्यालय) शरद कुमार, अभियंता प्रमुख (सिंचाई सृजन) अवधेश कुमार, मुख्य अभियंता (योजना एवं मॉनिटरिंग) ब्रजेश मोहन सहित सभी प्रक्षेत्रों के मुख्य अभियंता एवं वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की अद्यतन प्रगति की जानकारी मंत्री को दी और योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के संबंध में अपने विचार साझा किए।

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