देवरिया, 23 सितंबर 2025।
मध्यस्थता एवं सुलह समझौता केन्द्र (एडीआर भवन) के तहत आज एक पारिवारिक वाद का निस्तारण सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवरिया श्री मनोज कुमार तिवारी के नेतृत्व में तथा मध्यस्थ श्री सिंहासन गिरि के सहयोग से कराया गया।
यह मामला न्यायालय सिविल जज (जू.डी.) एफटीसी-।।, देवरिया द्वारा मध्यस्थता हेतु संदर्भित किया गया था। प्रकरण (मु.अ.सं. 350/2025, सरकार बनाम अनूप गुप्ता व अन्य) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया के कार्यालय में प्रस्तुत हुआ।
दोनों पक्षकार सचिव एवं मध्यस्थ के समक्ष उपस्थित हुए और वार्ता के दौरान आपसी सहमति से पति-पत्नी एक साथ रहने के लिए राजी हो गए। इस प्रकार मामले का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया।
सचिव श्री मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि मध्यस्थता का मुख्य उद्देश्य विवादों को आपसी सहमति से सुलझाना है। यह न केवल संबंधों को बनाए रखने में सहायक है बल्कि पक्षकारों को अपने विवादों को स्वयं हल करने का अवसर भी देता है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता से हल किए गए मामलों में दोनों पक्ष जीतते हैं और कोई हारता नहीं।
सचिव ने आमजन व विधि व्यवसायियों से अपील की कि वे अपने मामले न्यायालय से निवेदन कर मध्यस्थता हेतु संदर्भित कराएं और “राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान” का लाभ उठाएँ।
