मांझागढ़ (गोपालगंज)। मांझागढ़ बाजार में मछली विक्रेताओं द्वारा घटिया तराजू और बटखारा का खुलेआम इस्तेमाल कर लोगों से कम तौल के जरिए अवैध कमाई करने का मामला सामने आ रहा है। नाप-तौल विभाग की निष्क्रियता के कारण बाजार में यह धंधा दिन-ब-दिन फलता-फूलता जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मछली विक्रेताओं द्वारा एक किलो के नाम पर मात्र सात सौ ग्राम तक ही मछली तौली जा रही है। यानी हर किलो में करीब तीन सौ ग्राम की सीधी ठगी की जा रही है। बाजारों में इस्तेमाल हो रहे घटिया तराजू और बटखारा की जांच करने वाला कोई नहीं है, जिससे उपभोक्ताओं का शोषण हो रहा है।
लोगों का कहना है कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय नाप-तौल विभाग की व्यवस्था काफी चुस्त-दुरुस्त थी। उस दौरान नाप-तौल अधिकारी नियमित रूप से बाजारों का निरीक्षण करते थे और घटिया बटखारा व तराजू का इस्तेमाल करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाती थी। इसी कारण विक्रेताओं में भय बना रहता था और अधिकारी भी अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करते थे।
लेकिन वर्तमान समय में हालात यह हैं कि आम लोगों को यह तक जानकारी नहीं है कि नाप-तौल विभाग के अधिकारी कौन हैं और कहां तैनात हैं। इसी का फायदा उठाकर बाजारों में खुलेआम घटिया तराजू और बटखारा का उपयोग किया जा रहा है। उपभोक्ताओं ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि इस मामले में तत्काल कार्रवाई कर बाजारों में नियमित जांच अभियान चलाया जाए, ताकि आम जनता को ठगी से राहत मिल सके।
