बिहार में अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत लगातार बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है। कई जिलों में पिछले कई दिनों से सरकारी टीम सड़कों के किनारे बनाए गए अवैध निर्माण और कब्जे हटाने में जुटी है। इसी क्रम में गोपालगंज में भी शहर के कई हिस्सों से अतिक्रमण हटाया गया है।
इस कार्रवाई को लेकर जन सुराज के नेता और गोपालगंज के सामाजिक कार्यकर्ता डॉक्टर एम. हक ने कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले घोषणा की थी कि जिन गरीब या बेसहारा लोगों के पास अपना घर नहीं है, उन्हें सरकार द्वारा तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वे सम्मान के साथ रह सकें। लेकिन अब इसके उलट गरीबों के आशियाने उजाड़े जा रहे हैं।
डॉ. एम. हक का आरोप है कि झुग्गी–झोपड़ियां, रेहड़ी, ठेले और गरीबों की जीविका छीनने वाली कार्रवाई किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले गरीबों को बसाने की व्यवस्था करनी चाहिए और उसके बाद ही किसी कार्रवाई पर विचार करना चाहिए।
