समाहरणालय सभागार में गुरुवार को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। उद्देश्य था—सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, समस्याओं की पहचान और आगे की रणनीति निर्धारित करना।
बैठक में उप विकास आयुक्त कुमार निशांत विवेक, अपर समाहर्ता लोक शिकायत रोहित कुमार, एसडीओ अनिल कुमार, भूमि सुधार उपसमाहर्ता रंजना भारती, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, डीएफओ, जिला परिवहन पदाधिकारी, DRDA निदेशक, उप निर्वाचन पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सिविल सर्जन सहित सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने पंचायत भवनों के निर्माण में हो रही अनियमितताओं पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि—
- प्रत्येक पंचायत भवन की गुणवत्ता जांच के लिए टीम गठित होगी।
- निर्माण सामग्री की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
- घटिया निर्माण पाए जाने पर संवेदक एवं संबंधित पदाधिकारी पर तत्काल कार्रवाई होगी।
भूमि उपलब्धता में टालमटोल पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीएम ने चेतावनी दी कि अगर किसी सरकारी योजना में जमीन उपलब्ध कराने में कर्मचारी या अधिकारी द्वारा मनमानी या देरी की गई, तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में नए बस स्टैंड के लिए भूमि चयन का प्रस्ताव भी रखा गया। डीएम ने निर्देश दिया कि उपयुक्त भूमि की तुरंत पहचान कर प्रस्ताव भेजा जाए, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो सके।
ऊर्जा विभाग को सभी गांवों में 100% स्मार्ट मीटर लगाने का आदेश दिया गया। डीएम ने कहा कि—
- स्मार्ट मीटर स्थापना में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से भेजी जाए।
PHED व प्रखंड अधिकारियों को जल–नल योजना की नियमित निगरानी का निर्देश दिया गया। डीएम ने कहा कि पानी की आपूर्ति बाधित होने पर तुरंत मरम्मत सुनिश्चित करें।
बैठक में मनरेगा, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, सहकारिता, उद्योग, आपूर्ति, जीविका, सामाजिक सुरक्षा, सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, सड़क व भवन निर्माण सहित सभी विभागों की समीक्षा की गई और कार्यों में तेजी लाने को कहा गया।
डीएम ने कहा कि जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिले, यह प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने बैठक के अंत में कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही अनिवार्य है। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
