सदर प्रखंड के ग्राम राजवाही में गंडक नदी के तट पर डॉल्फिन एवं घड़ियाल संरक्षण केंद्र के निर्माण की दिशा में पहल तेज हो गई है। जादोपुर–मंगलपुर महासेतु के समीप स्थित इस क्षेत्र को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित करने को लेकर जनप्रतिनिधियों की सक्रियता बढ़ी है। सदर विधायक सुभाष सिंह ने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा पर्यटन विभाग के मंत्री को पत्र भेजकर इस प्रस्ताव पर अग्रेतर कार्रवाई का अनुरोध किया है।
विधायक ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि ग्राम राजवाही सहित आसपास के दियारा क्षेत्र में बड़ी संख्या में संरक्षित गंगेटिक डॉल्फिन और घड़ियाल पाए जाते हैं। इनके संरक्षण को लेकर भारतीय वन्यजीव संरक्षण संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा पूर्व में अध्ययन भी किया जा चुका है। यह विषय पहले विधान पार्षद राजीव कुमार द्वारा विधान परिषद में भी उठाया जा चुका है।
जनप्रतिनिधियों की पहल के बाद अंचल कार्यालय की टीम ने बुधवार को ग्राम राजवाही में भूमि चयन को लेकर स्थल निरीक्षण किया। भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू होते ही दियारा क्षेत्र के लोगों में संरक्षण केंद्र की स्थापना और पर्यटन विकास को लेकर नई उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परियोजना से न केवल वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार और पर्यटन की संभावनाएं भी विकसित होंगी।
