रुद्रपुर थाना क्षेत्र के गोनाह सूरतपुरा गांव में बृहस्पतिवार को हुई मनीष तिवारी की हत्या के पीछे नशे की हालत में हुई गाली-गलौज को कारण बताया जा रहा है। नशे में धुत्त दोस्त चंद्रमोहन उर्फ चंदू ने गुस्से में आकर मनीष के सिर पर सिलबट्टे से जानलेवा प्रहार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद जब आरोपी का नशा उतरा तो वह अपनी हरकत पर पछताता नजर आया।
ग्रामीणों के अनुसार, मृतक मनीष तिवारी (40) पुत्र स्व. भरत तिवारी और आरोपी चंद्रमोहन उर्फ चंदू (45) दोनों गोनाह सूरतपुरा गांव के निवासी थे और नशे की लत के चलते उनकी गहरी दोस्ती थी। दोनों अक्सर साथ बैठकर शराब पीते थे। मनीष की इस आदत से उसका परिवार पहले ही टूट चुका था। पत्नी दो बच्चों के साथ मायके गोरखपुर में रह रही थी, जबकि मां भी बेटे से परेशान होकर अपने मायके चली गई थी।
मनीष के दो भाई पहले से लापता बताए जा रहे हैं, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। एक अन्य भाई रोजी-रोटी के लिए असम चला गया था और मनीष से कोई संपर्क नहीं रखता था। घटना की सूचना मिलने पर उसके शनिवार तक देवरिया पहुंचने की संभावना है। उसी के आने के बाद पोस्टमार्टम के पश्चात शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। फिलहाल मनीष का शव मोर्चरी में रखा गया है।
पुलिस को दिए बयान में आरोपी चंद्रमोहन ने स्वीकार किया कि अत्यधिक नशे की हालत में मनीष द्वारा गाली दिए जाने पर उसे गुस्सा आ गया और उसने पास पड़े सिलबट्टे से वार कर दिया। उसे अंदाजा नहीं था कि यह वार जानलेवा साबित होगा। पुलिस मामले की जांच कर आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
