गोपालगंज जिले में साइबर अपराध की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। आए दिन लोग साइबर ठगों के जाल में फंसकर डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी का शिकार हो रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए गोपालगंज की साइबर डीएसपी अवंतिका दिलीप कुमार ने आम जनता के लिए विशेष परामर्श जारी किया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

साइबर डीएसपी ने बताया कि जिले में साइबर ठगों का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। बीते 20 अक्टूबर को थावे थाना क्षेत्र के अमैठी खुर्द गांव में छापेमारी कर पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से करीब 1.05 करोड़ रुपये नकद, भारी मात्रा में सोना-चांदी और 85 एटीएम कार्ड बरामद हुए थे। यह गिरोह फर्जी कॉल सेंटर के जरिए लोगों से ठगी कर रहा था। इसके अलावा नए साल 2026 के जनवरी माह में अब तक पांच साइबर क्राइम के मामले सामने आ चुके हैं।

डीएसपी अवंतिका दिलीप कुमार ने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति अपना बैंक अकाउंट नंबर, ओटीपी, पिन या आधार से जुड़ी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दे। बैंक या कोई भी सरकारी संस्था फोन पर इस तरह की जानकारी कभी नहीं मांगती। व्हाट्सएप या ईमेल पर आने वाले संदिग्ध लिंक, इनाम या लॉटरी से जुड़े संदेशों से दूर रहें, क्योंकि एक गलत क्लिक से पूरा बैंक खाता खाली हो सकता है।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप डाउनलोड करने को कहते हैं, जिससे वे मोबाइल का पूरा नियंत्रण हासिल कर लेते हैं। सोशल मीडिया पर प्रोफाइल लॉक रखें, अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और वीडियो कॉल के जरिए होने वाली ब्लैकमेलिंग से सतर्क रहें।

साइबर डीएसपी ने कहा कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी हो जाए तो घबराएं नहीं, बल्कि गोल्डन आवर के भीतर कार्रवाई करें। तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और इसके बाद गोपालगंज साइबर थाना में जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराएं।