गोपालगंज। बिहार में लगातार बढ़ते महिला अपराध के खिलाफ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की ओर से भोरे प्रखंड में राज्यव्यापी प्रतिरोध मार्च निकाला गया। मार्च में शामिल आइसा नेताओं और छात्र-युवाओं ने पटना, बक्सर, छपरा, खगड़िया और मधेपुरा में छात्राओं के साथ हुई बलात्कार व हत्या की घटनाओं के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान नीतीश-मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।
प्रतिरोध मार्च को संबोधित करते हुए जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कामरेड धनंजय ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस की राजनीति मूल रूप से महिला विरोधी और पितृसत्तात्मक है। एक ओर सरकार महिला सशक्तिकरण के नारे देती है, वहीं दूसरी ओर इनके नेता महिलाओं को अपमानित करने वाले बयान देते हैं। बजट कटौती और निजीकरण के जरिए गरीब, दलित और पिछड़ी वर्ग की बच्चियों को शिक्षा से वंचित किया जा रहा है। नैतिक पुलिसिंग और निजी जीवन में दखल देकर महिलाओं की आजादी को कुचला जा रहा है।
आइसा नेता प्रभात कुशवाहा ने भाजपा के एक नेता द्वारा बिहार की बेटियों को लेकर दिए गए अपमानजनक बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से सवाल किया कि यदि बिहार के लिए यह गौरव की बात है, तो क्या वे उस नेता के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जिसने बिहार की बेटियों को बिकाऊ बताया। उन्होंने कहा कि कार्रवाई नहीं होने पर यह बिहार के लिए शर्मनाक होगा।
नेताओं ने कहा कि बिहार में नीट छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या सहित मधेपुरा, बक्सर और पूर्णिया की घटनाओं ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। सुशासन का दावा करने वाली सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है, जिससे महिलाएं घर और बाहर दोनों जगह खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
