देवरिया।
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश और जनपद न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप के मार्गदर्शन में 10 फरवरी 2026 को सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/सिविल जज (एसडी) श्रीमती शैलजा मिश्रा ने पूरवा मेहड़ा स्थित वृद्धा आश्रम में बुजुर्गों के हितों के संरक्षण हेतु विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।

कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बुजुर्ग परिवार की रीढ़ होते हैं, जिन्होंने पूरे जीवन समाज और परिवार को संवारने में योगदान दिया है। इसलिए उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने वृद्धजनों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए कहा कि बुजुर्ग बोझ नहीं, बल्कि समाज के लिए वरदान हैं और उनके अनुभव नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक हैं।

न्यायाधीश ने वृद्धा आश्रम के निवासियों से मुलाकात कर उनके भोजन, स्वास्थ्य और रहन-सहन की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके बाद कस्तूरबा गांधी बालिका इंटर कॉलेज में महिलाओं और बालिकाओं के लिए विधिक साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, शिक्षा पर ध्यान देने और समाज में आत्मनिर्भर भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण और विकास पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी, विद्यालय के शिक्षक और छात्राएं उपस्थित रहीं।