समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत राजकीय आईटीआई तथा केंद्रीय विद्यालय परिसर में भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। इस आयोजन में कुल 161 जोड़ों का विवाह विधि-विधान से सम्पन्न कराया गया। इनमें 154 हिंदू जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ, जबकि 07 मुस्लिम जोड़ों का निकाह इस्लामी परंपरा के अनुसार कराया गया। समारोह में बड़ी संख्या में परिजन, स्थानीय नागरिक तथा जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि देवरिया सदर के विधायक शलभ मणि त्रिपाठी रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी योजना है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों के विवाह में सहयोग मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसी योजनाएं सामाजिक समरसता को भी मजबूत करती हैं।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी देवरिया सदर, एमएलसी प्रतिनिधि राजू मणि, अवधेश सिंह, देवरिया सदर के प्रमुख पवन कुमार गुप्ता, नगर पंचायत बैतालपुर की चेयरमैन सरिता प्रकाश, जिला समाज कल्याण अधिकारी, खंड विकास अधिकारी देवरिया सदर एवं बैतालपुर सहित कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश त्रिपाठी तथा अखिल भारतीय क्षेत्रीय महासंघ के जिलाध्यक्ष राजेश सिंह श्रीनेत सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों ने कार्यक्रम में भाग लिया और नवविवाहित जोड़ों को सफल वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।

जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना सभी वर्गों के लिए संचालित है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक जोड़े पर कुल एक लाख रुपये व्यय किए जाने का प्रावधान है। इसमें 60 हजार रुपये सीधे विवाहिता के बैंक खाते में भेजे जाते हैं, 25 हजार रुपये की उपहार सामग्री प्रदान की जाती है तथा 15 हजार रुपये कार्यक्रम आयोजन पर खर्च किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना तथा समाज में सामूहिक विवाह की परंपरा को बढ़ावा देना है।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), नई दिल्ली से जुड़े कार्यक्रमों में भी ऐसे बड़े आयोजनों में सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जाता है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके और कार्यक्रम सुरक्षित रूप से सम्पन्न हो सके।