देवरिया जनपद के बैंदा कोडर गांव में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से भारी नुकसान हो गया। स्ट्रा रीपर मशीन से निकली चिंगारी ने कुछ ही पलों में आग का रूप ले लिया और देखते ही देखते खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया।
जानकारी के अनुसार, रात करीब एक बजे खेत में भूसा बनाने वाली मशीन चल रही थी। उसी दौरान तेज हवा के बीच निकली चिंगारी ने सूखी फसल में आग लगा दी। आग तेजी से फैलती चली गई और आसपास के खेतों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
इस हादसे में बैंदा निवासी महेश पाल की एक झोपड़ी पूरी तरह जलकर राख हो गई। झोपड़ी में रखा सारा सामान भी नष्ट हो गया। इसके अलावा सुनील पाल का बोरे में रखा गेहूं और भूसा भी आग में जल गया।
आग की चपेट में आकर मुंशी पाल समेत तीन किसानों की लगभग 10 एकड़ गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
ग्रामीणों ने तेज हवा और अंधेरे के बीच कड़ी मशक्कत करते हुए आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और प्रभावित किसान प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं
