देवरिया में भीषण गर्मी और संभावित लू के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हीट वेव और अग्निकांड से जनहानि रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

डीएम ने जनपद से लेकर तहसील, ब्लॉक और नगर निकाय स्तर तक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर जिम्मेदारियां तय की हैं। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया है कि जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी में हीट वेव मरीजों के लिए पर्याप्त बेड, दवाएं और ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं 24 घंटे सक्रिय रहें।

नगर निकायों और पंचायतों को सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और चौराहों पर पेयजल, प्याऊ और कूलिंग सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं शिक्षा विभाग को स्कूलों में पानी, छाया, पंखे और प्राथमिक चिकित्सा किट की व्यवस्था करने, साथ ही समय में बदलाव और आउटडोर गतिविधियों पर रोक लगाने को कहा गया है।

परिवहन विभाग को बस स्टैंडों पर यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने, जबकि श्रम और मनरेगा विभाग को श्रमिकों के कार्य समय में बदलाव कर सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि विभाग को किसानों के लिए एडवाइजरी जारी करने और नुकसान का आकलन करने को कहा गया है।

डीएम ने कहा कि जनजागरूकता ही लू से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।