पटना।
शास्त्रीय कथक नृत्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. संतोष कुमार को बिहार सरकार द्वारा प्रतिष्ठित ‘अंबपाली पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान पटना में आयोजित विशेष समारोह में प्रदान किया गया, जिसमें सम्मान पत्र, स्मृति चिह्न और अंगवस्त्र भेंट कर उनके अमूल्य योगदान को सराहा गया।
समारोह में अनुपस्थित रहने के कारण यह पुरस्कार डॉ. कुमार की ओर से उनके छोटे भाई ने स्वीकार किया। डॉ. संतोष कुमार ने बिहार सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और विशेष रूप से अपनी गुरु प्रो. रंजना श्रीवास्तव को धन्यवाद दिया। उन्होंने अपने शिक्षण संस्थान काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी और गुरुजनों जैसे पद्म श्री राजेश्वर आचार्य सहित मित्रों और शिष्यों के प्रति भी कृतज्ञता जाहिर की।
गोपालगंज, बिहार के एक साधारण परिवार में जन्मे डॉ. कुमार ने अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत से कथक नृत्य में विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से कथक में बी.म्यूज., एम.म्यूज. और पीएचडी की उपाधियाँ प्राप्त की हैं। वर्तमान में वे हिमाचल प्रदेश के वल्लभ राजकीय महाविद्यालय, मंडी में सहायक प्राध्यापक (कथक नृत्य) के पद पर कार्यरत हैं और नई पीढ़ी को कथक का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
इससे पूर्व उन्हें भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय से जूनियर फेलोशिप भी मिल चुकी है। डॉ. कुमार कई पुस्तकों के लेखक हैं और अब तक 30 से अधिक शोध-पत्रों का प्रकाशन कर चुके हैं।
उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए मिला यह सम्मान न केवल उनके लिए बल्कि उनके शिष्यों और संपूर्ण कला जगत के लिए गर्व का विषय है।
