कुचायकोट (गोपालगंज)। आज दिनांक 12 सितंबर 2025 को अपराह्न 12 बजे से कुचायकोट प्रखंड सभागार में स्थायी लोक अदालत के गठन और उसमें दाखिल होने वाले वादों की प्रकृति को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम को स्थायी लोक अदालत के सदस्य राजेश रंजन कुमार और दिव्यांशी मिश्र ने संबोधित किया। उन्होंने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 की धारा 22(B) के तहत गोपालगंज व्यवहार न्यायालय परिसर में स्थायी लोक अदालत की स्थापना की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य जन उपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों का सुलह और त्वरित समाधान करना है।
बताया गया कि स्थायी लोक अदालत में डाक, टेलीफोन, परिवहन सेवा (वायु, सड़क, माल वाहन), बिजली, स्वच्छता, अस्पताल, औषधालय, बीमा, आवास एवं रियल एस्टेट, शिक्षा और बैंकिंग जैसी सेवाओं से जुड़े विवादों का निपटारा किया जा सकता है। इसमें केंद्र या राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य सेवाएं भी शामिल हैं। अदालत का निर्णय अंतिम और सभी पक्षों पर बाध्यकारी होता है।
सदस्यों ने कहा कि स्थायी लोक अदालत की स्थापना से लोगों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी और उन्हें त्वरित न्याय मिलेगा।
कार्यक्रम में विभिन्न पंचायतों के कचहरी सचिव, विकास मित्र, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण जनता उपस्थित रहे। लोगों से अपील की गई कि अगर उनका विवाद उपरोक्त श्रेणियों में आता है तो वे अवश्य अपने मामले को स्थायी लोक अदालत में दर्ज कराएं।
