गोपालगंज। मिडिएशन काउंसिलिएशन प्रोजेक्ट समिति नई दिल्ली एवं नालसा नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे मध्यस्थता कैंपेन कार्यक्रम 2.0 के तहत जिला मध्यस्थता केंद्र गोपालगंज में बैठक आयोजित की गई। यह अभियान 2 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य विभिन्न प्रकार के लंबित मामलों का आपसी समझौते के आधार पर समाधान करना है।

26 फरवरी 2026 को अपराह्न 1:35 बजे प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष श्रीमती गीता गुप्ता के निर्देश पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम सह कोऑर्डिनेटर जिला मध्यस्थता केंद्र विवेक कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में सभी मध्यस्थों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मध्यस्थता कैंपेन को सफल बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के दौरान न्यायाधीश ने उपस्थित मध्यस्थों को निर्देश दिया कि व्यवहार न्यायालय में लंबित पारिवारिक विवाद, बीमा वाद, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस मामले, व्यावसायिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, सुलहनीय आपराधिक वाद, उपभोक्ता मामले, राजस्व वाद, बंटवारा वाद, बेदखली वाद तथा भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर मध्यस्थता के जरिए सुलझाने का प्रयास किया जाए।

उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का समाधान पक्षकारों के लिए सरल, त्वरित और प्रभावी होता है। उन्होंने मध्यस्थों को अधिक से अधिक मामलों में पक्षकारों को मध्यस्थता केंद्र के समक्ष उपस्थित कराकर सुलह के बिंदु पर वार्ता कराने का निर्देश दिया। न्यायाधीश ने कहा कि इस अभियान की सफलता की कुंजी “विवाद से संवाद की ओर बढ़ना” है, जो मध्यस्थता की मूल भावना को दर्शाता है।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि जिन मामलों में समझौते की संभावना है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मध्यस्थता के जरिए सुलह कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन किया जा सके।

बैठक में डीएजे-12 सहित मध्यस्थ रामबाबू प्रसाद सिंह, दिग्विजय मिश्रा, देवेंद्र पांडे, अबुल खैर तथा अन्य मध्यस्थ उपस्थित रहे। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि मध्यस्थता कैंपेन 2.0 के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों का आपसी समझौते से निपटारा किया जा सकेगा।