गोपालगंज। व्यवहार न्यायालय परिसर में 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में 26 फरवरी 2026 को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती गीता गुप्ता के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अनूप कुमार उपाध्याय द्वारा एमएसीटी वादों के चिन्हीकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक जिला विधिक सेवा प्राधिकार गोपालगंज के सचिव के प्रकोष्ठ में आयोजित की गई, जिसमें बीमा कंपनियों के अधिवक्ताओं तथा दावाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) से संबंधित मामलों को चिन्हित कर उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत में निष्पादन योग्य बनाना था।
बैठक के दौरान लंबित एमएसीटी वादों की स्थिति की समीक्षा की गई तथा ऐसे मामलों पर विशेष चर्चा की गई, जिनका निपटारा आपसी सहमति से संभव है। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने उपस्थित अधिवक्ताओं को निर्देश दिया कि वे बीमा कंपनियों और दावाकर्ताओं के बीच आपसी संवाद स्थापित कर मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में निष्पादन के लिए तैयार करें।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से मामलों का त्वरित एवं सरल निपटारा संभव होता है, जिससे पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है। साथ ही बीमा कंपनियों और दावाकर्ताओं को आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने का अवसर भी मिलता है।
बैठक में उपस्थित प्रतिभागियों को अधिक से अधिक मामलों को चिन्हित कर निष्पादन योग्य बनाने के लिए भी निर्देशित किया गया। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा किया जा सकेगा।
