गोपालगंज। शहर में आठ सितंबर की रात लूटपाट के दौरान चाकू से घायल हुए पूर्व पार्षद अनिल गिरि ने शनिवार रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के 12 दिन बाद हुई मौत ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हजियापुर वार्ड संख्या 26 निवासी और पूर्व पार्षद अनिल गिरि थाना चौक के पास दुकान चलाते थे। आठ सितंबर की रात वह दुकान बंद कर सामान खरीदते हुए पैदल घर लौट रहे थे। इसी दौरान थाना चौक से महज 200 मीटर आगे दो बदमाशों ने उन पर चाकू से हमला कर गले से दो चेन लूट लिए और फरार हो गए।
गंभीर रूप से घायल अनिल गिरि को सदर अस्पताल से गोरखपुर रेफर किया गया, लेकिन लंबे इलाज के बाद उनकी मौत हो गई। शव घर पहुंचते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों और स्वजन ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।
स्वजन का कहना है कि घटना के बाद उनके पिता सुदामा गिरि के बयान पर दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। नौ सितंबर को केस के अनुसंधानकर्ता दारोगा कृष्ण कुमार शर्मा बनाए गए, लेकिन पुलिस केवल “जांच कर रही है” कहकर टालती रही। सीसीटीवी फुटेज मिलने के बावजूद आरोपित अब तक फरार हैं।
