गोपालगंज जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने मंगलवार को सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आई। निरीक्षण के दौरान ओपीडी की स्थिति बेहद खराब पाई गई, जिससे डीएम नाराज हो गए।

जिलाधिकारी निर्धारित समय पर ओपीडी पहुंचे, लेकिन वहां का नजारा चौंकाने वाला था। अधिकांश डॉक्टरों के कक्ष खाली थे और दूर-दराज से आए मरीज कतारों में खड़े होकर डॉक्टरों का इंतजार कर रहे थे। तय समय से करीब आधा घंटा बीत जाने के बाद भी कोई डॉक्टर अपनी ड्यूटी पर मौजूद नहीं था। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने अस्पताल उपाधीक्षक को कड़ी फटकार लगाई।

जांच के दौरान एक और बड़ा मामला सामने आया। उपस्थिति पंजी की जांच में पाया गया कि कई डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं थे, फिर भी उनके हस्ताक्षर पहले से दर्ज थे। इस पर डीएम ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता और सरकारी कार्य में धोखाधड़ी बताया।

मीडिया से बातचीत में जिलाधिकारी ने कहा कि पिछली समीक्षा में भी सदर अस्पताल में मरीजों के इंतजार का समय अधिक पाया गया था, उसी के आधार पर यह निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि सुबह 9:20 बजे तक एक भी डॉक्टर अपनी सीट पर नहीं मिला, जो बेहद गंभीर स्थिति है।

डीएम ने स्पष्ट किया कि इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी कार्रवाई की जाएगी, जिसे संबंधित लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।