कालाजार उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पथरदेवा में घर-घर सक्रिय कालाजार रोगी खोज अभियान (एसीडी) को लेकर आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला मलेरिया अधिकारी सीपी मिश्रा ने की।

प्रशिक्षण के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को कालाजार रोगियों की पहचान, संदिग्ध मरीजों को चिन्हित करने, जांच कराने तथा समय पर रेफरल की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर दो सप्ताह से बुखार से पीड़ित संभावित मरीजों की पहचान करेंगी। प्रत्येक आशा को प्रतिदिन लगभग 50 घरों का भ्रमण कर संदिग्ध रोगियों को चिन्हित करने का लक्ष्य दिया गया है।

उन्होंने कालाजार रोग के प्रारंभिक एवं गंभीर लक्षणों, उपचार प्रक्रिया तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाने के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता इस अभियान की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उनकी सतर्कता और सक्रिय सहभागिता से ही समय रहते कालाजार रोगियों की पहचान संभव हो सकेगी। संदिग्ध मरीजों की पहचान होते ही उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में शीघ्र रेफर करना अनिवार्य है, ताकि समय पर जांच और इलाज शुरू किया जा सके।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक मलेरिया अधिकारी नवीन भारती, सहयोगी संस्था सीफार के जिला प्रतिनिधि नीरज, बीसीपी आशुतोष त्रिपाठी, बीएसडब्लू राकेश सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।