देवरिया। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत भलुअनी ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर बरौली में पीएसपी (पेशेंट स्टेक होल्डर प्लेटफार्म) के सहयोग से फाइलेरिया प्रभावित मरीजों को प्रभावित अंग की देखभाल का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में सीएचओ के नेतृत्व में मरीजों को एमएमडीपी यानी रुग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता निवारण से जुड़ी जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान 10 फाइलेरिया (हाथीपांव) मरीजों को एमएमडीपी किट का वितरण किया गया, ताकि वे घर पर ही घावों और पैरों की सही देखभाल कर सकें। सीएचओ वरुण चौरसिया ने डेमो के माध्यम से प्रभावित अंग की साफ-सफाई, साबुन, टॉवेल और एंटीसेप्टिक के सही उपयोग की विधि समझाई तथा नियमित व्यायाम के लाभ बताए।

पीएसपी सदस्य एवं ग्राम प्रधान विनय पाण्डेय ने बताया कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है और इसके लक्षण कई वर्षों बाद सामने आते हैं। एएनएम नेहा ने महिलाओं में स्तन के आकार में परिवर्तन जैसे लक्षणों की जानकारी दी और बताया कि समय पर पहचान व साल में एक बार लगातार पांच वर्षों तक दवा सेवन से इस बीमारी से बचाव संभव है।

कार्यक्रम में पीएसपी सदस्य, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, वालेंटियर तथा ग्रामीण मौजूद रहे।