देवरिया के संत विनोबा महाविद्यालय में प्राचार्य, शिक्षक संघ और कर्मचारी संघ के बीच चल रहा विवाद गंभीर रूप ले चुका है। 28 अगस्त को स्थिति उस समय बिगड़ गई जब शिक्षक संघ और कर्मचारी संघ ने प्राचार्य के खिलाफ धरना दिया। इसके जवाब में प्राचार्य और कुछ शिक्षकों ने भी विरोध-धरना शुरू कर दिया। नतीजतन, महाविद्यालय में शैक्षिक कार्य पूरी तरह ठप हो गया और कक्षाओं में पठन-पाठन नहीं हो सका।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इस मामले को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। परिषद का कहना है कि यह विवाद नया नहीं है, बल्कि प्राचार्य, शिक्षक संघ, कर्मचारी संघ और प्रबंधकीय समिति के बीच लंबे समय से मतभेद जारी हैं।
इस विवाद का सीधा असर छात्रों पर पड़ रहा है। प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा परिणाम और अन्य शैक्षणिक कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि उन्हें कर्मचारियों और शिक्षकों से असभ्य व्यवहार का सामना भी करना पड़ रहा है।
महाविद्यालय में पेयजल, शौचालय और पुस्तकालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी की समस्या भी सामने आई है। एबीवीपी ने जिलाधिकारी से विवाद का तत्काल समाधान कराने और यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि आंतरिक मतभेदों के कारण शैक्षणिक व कार्यालयीन कार्य प्रभावित न हों।
